ब्लॉग में आपको अनेक विषय वस्तुओं पर जानकारियाँ मिलेंगी जैंसे Education, Technology, Business, Blogging आदि।
Thursday, May 16, 2024
सी यू ई टी (CUET) और बोर्ड परीक्षा का बोझ कब निकलेगा।
Sunday, July 30, 2023
मशरूम (च्युं): एक प्राकृतिक उपज और औषधीय खजाना
🌿 मशरूम (च्युं) के महत्वपूर्ण गुण पोषण से भरपूर:
मशरूम में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन B, D, सेलेनियम, पोटैशियम, तांबा, और आयरन प्रचुर मात्रा में होते हैं। कम कैलोरी और वसा रहित:
यह वजन कम करने वाले लोगों के लिए उत्तम आहार है। एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर:
इसमें ergothioneine और glutathione जैसे तत्व पाए जाते हैं जो शरीर में कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं। प्रतिरक्षा शक्ति बढ़ाना:
मशरूम शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और वायरल संक्रमण से बचाता है। एंटी-कैंसर गुण:
कुछ शोध बताते हैं कि मशरूम में पाए जाने वाले बायोएक्टिव कंपाउंड्स कुछ प्रकार के कैंसर की संभावना को कम करते हैं। डायबिटीज़ में सहायक:
इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे यह मधुमेह रोगियों के लिए लाभकारी होता है। 🌱 पहाड़ी क्षेत्रों में मशरूम (च्युं) का प्राकृतिक रूप से उगना
पहाड़ी क्षेत्रों जैसे उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, नेपाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर भारत में मशरूम वर्षा ऋतु (मानसून) में अधिक मात्रा में उगते हैं। ये मुख्यतः जंगलों, बगीचों, कटी लकड़ियों, नमी भरे स्थानों और गिरी हुई पत्तियों पर प्राकृतिक रूप से उत्पन्न होते हैं। उगने की प्रक्रिया: नमी और तापमान:
मशरूम को उगने के लिए उच्च आर्द्रता और 20–30°C तापमान की आवश्यकता होती है। बायोडीकम्पोज़िशन:
पुराने पत्ते, लकड़ियाँ, गाय/भैंस का गोबर आदि जब सड़ते हैं, तो उनसे खाद बनती है जो मशरूम की वृद्धि को पोषण देती है। बीजाणु (Spores):
मशरूम के बीजाणु हवा में फैलते हैं और जब उपयुक्त वातावरण मिलता है, तो वे अंकुरित होकर मशरूम का निर्माण करते हैं। 🍄 मशरूम (च्युं) के प्रकार (पहाड़ी क्षेत्रों में पाए जाने वाले)
गुच्छी (Morchella):
दुर्लभ और अत्यधिक महंगी प्रजाति, जो हिमालयी क्षेत्रों में स्वाभाविक रूप से उगती है। दूधी च्युं (Milky Mushroom)
भूरे च्युं (Button Mushroom)
सफेद मशरूम (Oyster Mushroom)
सावधानी
सभी मशरूम खाने योग्य नहीं होते। जंगलों में उगने वाले कुछ मशरूम जहरीले होते हैं और पहचान में कठिन होते हैं। इसलिए केवल अनुभवी व्यक्ति द्वारा पहचाने गए मशरूम का ही सेवन करें।
Sunday, June 18, 2023
उत्तराखंड के फल-फूल
तिमला (Timla) क्या है? वर्ग: यह अंजीर (Fig) परिवार का एक जंगली फल है।
प्राकृतिक रूप से उगता है: यह उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, नेपाल, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में पाया जाता है। वृक्ष: इसका पेड़ मध्यम आकार का होता है और इसकी पत्तियाँ बड़ी और गहरी होती हैं। फल छोटे, गोल और बाहर से हरे या बैंगनी रंग के होते हैं।
तिमला के पोषक तत्व
तिमला में प्राकृतिक रूप से पाए जाते हैं: फाइबर विटामिन A, C और K कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन एंटीऑक्सिडेंट और एंटीबैक्टीरियल तत्व
तिमला (Timla) के आयुर्वेदिक और औषधीय लाभ पाचन शक्ति बढ़ाता है तिमला में उच्च मात्रा में फाइबर होता है, जो कब्ज को दूर करता है और आँतों की क्रियाशीलता सुधारता है। डायबिटीज़ में सहायक इसके फलों और पत्तों का काढ़ा रक्त शर्करा नियंत्रित करने में सहायक होता है। हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी यह कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करता है और रक्त परिसंचरण सुधरता है। त्वचा रोगों में उपयोगी आयुर्वेद में तिमला को त्वचा संक्रमण, खुजली और फोड़े-फुंसी के उपचार में उपयोग किया जाता है। गले और श्वसन तंत्र के लिए लाभकारी इसके पके फलों का सेवन गले की खराश, खांसी और ब्रोंकाइटिस जैसी समस्याओं में लाभ देता है। दूध उत्पादन में सहायक (स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए) पारंपरिक ज्ञान में इसे दूध की मात्रा बढ़ाने में उपयोगी माना जाता है।
पहाड़ी क्षेत्रों में तिमला का महत्त्व
स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा: तिमला के पेड़ पशु-पक्षियों के लिए भी भोजन और आश्रय प्रदान करते हैं, विशेषकर बंदर, चिड़ियाँ और मधुमक्खियाँ इसके फल व रस का सेवन करती हैं। स्थानीय चिकित्सा में प्रयोग: ग्रामीण और पहाड़ी समुदाय इसका उपयोग पारंपरिक घरेलू उपचारों में करते हैं। कुपोषण के विरुद्ध प्राकृतिक विकल्प: यह प्राकृतिक सुपरफूड पहाड़ी ग्रामीणों के लिए आवश्यक पोषण उपलब्ध कराता है, विशेषकर उन इलाकों में जहाँ आधुनिक चिकित्सा या पैकेज्ड फूड आसानी से नहीं पहुँचते।
तिमला का उपयोग कैसे करें?
फल के रूप में ताजा खाएं सूखा कर पाउडर या औषधि के रूप में उपयोग करें पत्तों का काढ़ा या रस बनाएं घरेलू नुस्खों में उपयोग करें (त्वचा, पेट या खांसी के लिए) सावधानी
अधिक मात्रा में सेवन करने से कभी-कभी दस्त या पेट में गैस हो सकती है। यदि आप एलर्जी प्रवृत्ति के हैं तो पहले थोड़ी मात्रा से शुरू करें।
Saturday, April 15, 2023
मालू के पत्तलों एवं डोने (Maalu Done Pattal)
Monday, October 10, 2022
खिड़कियाँ
आखिर तुम कब खोलोगे ?
खिड़कियाँ!
अपने मन मस्तिष्क की।
कानून, न्याय और अधिकार
सब पर आधिपत्य है तुम्हारा!
अपनी उलझनों पर तुम
चटकनियाँ चढ़ा के बैठे हो,
तुम्हारे हाथ मे कुछ नही
ये किस कंठ से कहते हो!
राम बनने की कोशिश में
हवा को छू लेते हो।
नाच रहा रावण मस्तिष्क पर
ये घूट कैसे पी लेते हो!
चाल दिख रही है हर एक को
ये कदमताल भी तुम्हारी ही है,
तुम जी रहे हों किस वहम में
ये लाचारी भी तुम्हारी ही है।
आखिर कब खोलोगे ?
खिड़कियाँ!
अपने मन-मस्तिष्क की। @- राजेन्द्र सिंह कुँवर 'फरियादी'
#राजनेता
#टूटतासमाज
#तड़फतीइंसानियत
#कुर्सियाँ
#चालाकियाँ
Sunday, April 17, 2022
आपके शौक
कब कहाँ और कैंसे यह अचानक लोगों के लिए प्रेरणा बन जायें यह कोई सोच भी नही सकता। आज दुनियाँ में लाखों उदाहरण भरे पड़े हैं। जिन लोगों ने अपने शौक को निरंतर रूप से आगे बढ़ाया है उनका शौक समाज के लिए प्रेरणा तो बन गया परन्तु उस शौक ने उनके साथ साथ हजारों लोगों की जिन्दगी ही बदल डाली। पैंसा एवं प्रतिष्ठा ये दो ही ही शब्द हैं जिनके लिए हर व्यक्ति पूरी जिन्दगी भर समय एवं सांसारिक भावनाओं का बोझ ढोता है। जो भी दुनियाँ में आता है इन दोनों शब्दों से खुद को न चाहाते हुये भी अलग नही कर सकता है। यह एक चमत्कार है। आज दुनियाँ के सामने करोड़ों रास्ते हैं इन दोनों तक कि पद यात्रा करने के लेकिन 99% लोग बीच में ही अपनी आशाएँ छोड़ देते हैं, इसमें सबसे बड़ी बाधा समाज का मार्गदर्शन। जितने भी लोग आज सफल हुये हैं उनका सफलता का एक ही राज है शौक, यदि वह अपने शौक का गला घोट देते तो सफलता नही मिलती। समाज की नजरें आपको तब तक रोकती हैं जब आप सफल नही बन जाते, आपके सफल बनते ही समाज का नजरिया स्वतः ही बदल जाता है। याद रखें जो सामाजिक जन आकांक्षाएँ आपके कदमों पर सरसरी नजरें गढ़ायें रहती हैं वही आपके सफल होते ही आपकी वाहवाही करने लगती हैं। किसी भी बड़े प्रतिष्ठित व्यक्ति की जीवनी उठा कर देखें प्रत्यक्ष प्रमाण मिल जाता है। हम सब ये जानते हैं तो भी सफलता का प्रतिशत सदैव कम ही क्यों रहता है? इसका मुख्य कारण है 95% व्यक्ति व्यक्ति निरन्तरता से थक जाते हैं। यदि आप भी थक रहे हैं तो असफलता का दरवाजा आपका इंतजार कर रहा है।
Monday, February 21, 2022
जन्मजात योग्यता
Tuesday, February 1, 2022
जिंदगी हमें घसीट तो नही रही है ?
समय कहीं हमें घसीट तो नही रहा है?
दुनियाँ का हर व्यक्ति खुद के लिए चतुर होता है, आज हर तीसरा व्यक्ति अच्छा पढ़ा लिखा है, हर छोर पर अच्छी जॉब भी है और अच्छा व्यवसाय भी साथ ही साथ रिस्क लेने की क्षमताओं में भी इजाफा हुआ है। पैंसा एवं पारिवारिक पृष्ठभूमि बहुत कुछ है मगर सब कुछ नही यदि आज अपने चारों ओर नजर उठा के देखते हैं तो हर ओर एक नया स्टार्टअप नजर आ जायेगा। चाहे वो ट्रैवलिंग से सम्बंधित हो, खाने से सम्बंधित हो, फाईनेंस से सम्बंधित हो, दुकान या मॉल से सम्बंधित हो, पढ़ाई से सम्बंधित हो,लेखन से सम्बंधित हो,मंच से सम्बंधित हो, स्कूल या कालेज से संबंधित हो या तकनीकी डिग्री या सर्टिफिकेशन से सम्बंधित हो या राजनीति से सम्बंधित हो। लगभग हर क्षेत्र में नये नये लोगों ने परिचम लहराया है। मगर ये भी सच है कि अधिकांश मुँह लटकाये बैठे हैं उन्हें तनाव के साथ साथ अपनी शैक्षिक डिग्रियों ने घेर कर रख दिया है और जॉब के लिए दर-दर भटक रहे हैं। इसमे न तो उनकी गलती है और न ही उनके घर वालों की बल्कि एक तरफ दौडती हुई दुनियाँ की गलती है। लोग सब कुछ जान कर भी जॉब के लिए उतावले हो जाते हैं और जब अपनी शैक्षिक योग्यता के अनुरूप पारिश्रमिक नही खोज पाते हैं तो तनाव ने जीने लगते हैं या अपनी आकांक्षाओं को वहीं पर खत्म कर लेते हैं, या अपने अनुभव को अपने मन मस्तिष्क पर बोझ बना कर खुद से कम्प्रोमाइज की जिंदगी जीने लगते हैं। यदि आप भी इस जीवन के चक्र में फंसे घुट रहे हैं तो अपने स्किल्स को डेवेलॉप कीजिए साथ ही सकारात्मक रुख से आगे कदम बढ़ाने की चेष्ठा कीजिए। रास्ता है और जरूर मिलेगा धौर्य धारण कीजिए। मैं कोई मोटिवेशन ट्रेनर नही हूँ और न ही किसी को भ्रमित करने हेतु लिखता हूँ। यह सब मेरा अनुभव है। मेरे जैसे कई लोग होंगे जो आगे बढ़ना चाहाते हैं मगर उन्हें उनकी परिस्थितियां रोक रही हैं। लेकिन ये भी सच है कि उन्हें उनके स्किल्स मालूम नही होंगे क्योंकि हमारी स्कूली शिक्षा हमें वो सब नही सीखाती हो जीवन को व्यवहारिक बना पाये,आज हमारे देश को स्वतंत्र हुये वर्षों हो चुके हैं मगर देश की अपनी मातृभाषा में कहीं भी 20 से 50 हजार या यूँ कहें लो प्रोफाईल वाली जॉब के लिए इन्टरव्यू का प्रथम गंतव्य अँग्रेजी से ही शुरू होता है। लेकिन कितने प्रतिशत लोग अँग्रेजी में परिपूर्ण हैं। देश का 70% तबका आज भी हिंदी ठीक नही बोल पता है। आप विश्लेषण खुद कीजिए सब कुछ आपके सामने है।
#skillschallenge
#educationmatters
#lifechallenge
#Niesbud Skill Development Entrepreneurship
#entrepreneurmindset
Wednesday, January 5, 2022
हताशा एवं निराशा क्यों ?
Sunday, December 12, 2021
शब्द
Saturday, November 20, 2021
पानी होना चाहिए आँख में
पानी होना चाहिए आँख में।
आखों में भी पानी होना चाहिए
सिर्फ नदी नालों में पानी की औकात नही।
कृषि बिलों का महत्व कब क्या हो,
ये यूँ ही कोई किसानों को सौगात नही।
दवा हर मर्ज की मिलनी चाहिए
यहाँ रोगों की अपनी कोई औकात नही
कब कदम कहाँ रखना है
मालूम होना चाहिए ये कोई सौगात नही।
तुम लड़ो! हर आवाज मिलनी चाहिए
किसी ओर के आवाज की कोई औकात नही
कदम मेरे अपने हैं कहीं रखूँ
हर किसी के लिए अब ये कोई सौगात नही।
पानी होना चाहिए आँख में
जल-प्रपातों की यहाँ कोई औकात नही।
तुम क्या समझो समझ लेना!
मेरे किसानों को इससे बड़ी कोई सौगात नही। @ - राजेन्द्र सिंह कुँवर 'फरियादी'
Sunday, January 10, 2021
Bitcoin ethereum ripple बिटकॉइन इथेरियम रिप्पल
समय के साथ साथ दिन-प्रतिदिन नई नई तकनीकियां चुनौती बनती जा रही है और यही चुनौतियाँ रोजगार सृजन का एक विशेष विकल्प भी बनती जा रही है। समय के साथ आगे बढ़ने के लिए हर इंसान को इन चुनौतियों से पार पाना ही होता है। यदि हम खुद को अपग्रेड नही कर पाते हैं तो कहीं न कहीं समय की नजरों में खुद को पिछड़ा हुआ महसूस करते हैं। जब जब धरातल पर कुछ नया होता है समाज मे दो पक्ष सदैव उभर के आते हैं एक साथ खड़ा होता है जबकि दूसरा विरोध की डोरियाँ पकड़ लेता है। ये समय हम लोग काफी समय से देखते आ रहे हैं। जैसे गैस आने पर, कम्प्यूटर आने पर, प्रेशर कुकर के मार्केट में आने पर ठीक उसी प्रकार फेसबुक, यूट्यूब या व्हाट्सएप आने पर भी कई समय तक लोगों ने इन सोशियल प्लेटफार्मों से दूरियां बना कर रखी, मगर आज यही हर घर के हर सदस्य की जरूरत बन कर रह गयी। बिना कम्प्यूटर और सोशियल मीडिया के लोग खुद को अपंग महसूस करने लगे हैं। यह सब जीवन जीने का एक माध्यम बन चुका है हर व्यक्ति देर में ही सही पर तकनीकी को गृहण जरूर करता है। इसका एक प्रमुख उदाहरण डिजिटल टेक्नोलॉजी है लोग अपने बच्चों को फोन से दूर रखते थे मगर आज पढ़ाई भी फोन से ही होने लगी है, ठीक चार साल पहले विश्व बाजार में क्रिप्टो करेंसी के नाम से बिटकॉइन के रूप में बहुत शोर हुआ कुछ ने इससे अपनाया तो कुछ ने इससे दूरियां बना ली। मगर तब बिटकॉइन की कीमत मात्र 27 हजार थी और कई कंपनियाँ एवं एक्चेंज इसको लीगल एवं इन लीगल की लड़ाईयां लड़ रहे थे यही बिटकॉइन ( Bitcoin) आज इंडियन रुपये में 30 लाख की सीमा पार कर चुका है। इसके साथ कई क्रिप्टो करेंसीज एवं टोकनों का जन्म होना स्वाभाविक है इस रूप में बहुत सी क्रिप्टो करेंसी एवं टोकन आज बहुत सारे विश्व के साथ साथ भारतीय एक्सचेंजों पर उपलब्ध हैं। जिनमे से इथेरियम (ethereum) रिप्पल (ripple ) लाईट कॉइन (Litecoin) आदि प्रमुख रूप से है। यदि आप भी इन क्रिप्टो ( Crypto Currency ) के बारे में जानना चाहते हैं या इन करेंसी की ट्रेडिंग करना चाहते हैं तो स्वतंत्र ररूप से भारतीय या विश्व के कई सारे एक्सचेंजों से कर सकते हैं। ये लीगल हैं या इन लीगल यह न सरकार बतायेगी और न ही कोई एक्चेंज, हाँ इससे यदि आप जुड़ते हैं तो आपके पैंसे से ये एक्चेंज भी कमाई कर रहें है और सरकारें भी। क्योंकि ट्रेडिंग इनकम पर टैक्स देना जरूरी है।लेकिन यदि ट्रेडिंग के दौरान आप अपनी धन संपत्ति से हाथ धो बैठते हैं तो न सरकार और न ही ये एक्चेंज आपकी आर्थिक मदद करेंगे। इसलिए यह रास्ता बहुत ज्यादा जोखिम भरा है कृपया इस पर चलने से पहले अपनी जानकारी पुख्ता जरूर करें। जितना ज्यादा जोखिम होता है कमाई या सफलता के चाँस उतने ही ज्यादा होते है। यह एक प्राकृतिक नियम है। इस पर आपकी क्या राय है जरूर साझा कीजिए। मेरी कोशिश है कि आप सभी के साथ इस तरह की तकनिकियाँ शेयर करता रहूँ।
यदि आप भी इसमें ट्रेडिंग करना चाहते हैं तो वजीरेक्स एप्प के द्वारा कर सकते हैं उनके लिए यहाँ क्लिक करें।
Friday, January 8, 2021
प्रेरणादायक विचार
Monday, October 5, 2020
Digital Visiting Card डिजिटल बिजनेस कार्ड
Saturday, October 3, 2020
ढुंगा (Dunga)
~~~ ढुंगा ~~~
ढुंगा उठ्यां भी छन
ढुंगा छुप्याँ भी छन
ढुंगा फर्कणा भी छन
ढुंगा सर्कणा भी छन
क्या बोन यूँ ढुंगों कु
ढुंगा ढुंगा भी नि छन!
देखा टिडागी पौंडीं हफार
निर्भाग्यों कु बण्युँ व्यापार
भौ कुई देंदु नि यूँ तैं कभी
छौंदी कुड्यों बण्याँ खंद्वार!
ढुंगा उठ्यां भी छन
ढुंगा छुप्याँ भी छन ......!
टकराणा छिन आफुमा
कच्चाकी पौंडीं देहगाथ
मुछालौं सी सुलग्याँ छन
कैंमा लगौंण छुयीं बाथ!
ढुंगा उठ्यां भी छन
ढुंगा छुप्याँ भी छन .....!
समझणा भी छन
ढुंगा ढुंगा ही छन
मुखुड़ि घसिं माटन्
माटासी यी खुश छन! @- राजेन्द्र सिंह कुँवर 'फरियाद'
Saturday, September 5, 2020
स्वरोजगार आपके दर पर
Tuesday, August 25, 2020
ई कॉमर्स एक कैरियर बन रहा है।
Thursday, July 16, 2020
उज्ज्वल भविष्य की संभवनाएं
Wednesday, July 1, 2020
हलवा एक पारंपरिक प्रसाद
Sunday, May 24, 2020
मार्केट में जॉब एवं व्यवसाय की स्थिति का आंकलन
अगर आप नेटवर्कमार्केटिंग में हो
तो अब लिस्ट बनाने का तरीका
आपके लिए लेकर आया हूँ, अब मत कहना के लिस्ट कैसे बनाऊँ? मैं तो किसीको जानता नही हूँ?
कुछ काम ऐसे है जो कि कोरोना की वजह से directly और indirectly बहुत ज्यादा disturb हुए है।
1. हलवाई
2. केटरिंग वाले
3. बैंड वाले, Dj वाले
4. stage & flower decoration
5. मैरिज हॉल
6. tent वाले
7. water camper वाले
8. entertainment like stage show से जुड़े artist
9. light decoration
10. लेडीज & जेंट्स कपड़े shop
11. ladies makeup /bridal make up womens
12. किराने वाले जिनसे शादियों पार्टियों का माल जाता है
13. auto टैक्सी, प्राइवेट बस वाले
14. सिनेमाहॉल और सिटीमोल्स से जुड़े लोग
15. टूरिस्ट और टूरिज़म से जुड़े लोग, टैक्सी चालक
16. होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट
17. फ़ास्टफ़ूड से जुड़े हुए ठेले और दुकान
18. प्राइवेट ट्यूशन पढ़ाने वाले teacher
19. ऑटोमोबाइल सेक्टर और जुड़े लोग
20. रेलवे स्टेशन से जुड़े दुकानदार
22. cellphone industry
24. पार्लर और सलून
25. बिल्डिंग मैटेरियल,और मैन्यूफैक्चरिंग से जुड़े लोग
26. जिन लोगो की जॉब जा चुकी है या जाने वाली है
27. जिन लोगो को बड़े बड़े शहरों से काम छोड़ कर वापस घर आना पड़ा है
28. कोचिंग इंस्टिट्यूट चलाने वाले लोग
29. नॉकरी की तैयारी करने वाले(govt ने कहा है अब 1साल जगह नही निकलेंगी)
30. डिफेन्स जॉब की तैयारी करने वाले(सेना ने 9000 टेक्निकल पद समाप्त कर दिए)
31. insurance, RD, FD सेक्टर से जुड़े लोग
32. airlines or airport से जुड़े लोग
33. ऑनलाइन से जुड़ी food सर्विस zomato type
34. धार्मिक अनुष्ठान करने वाले पंडित जी
35. बड़े मंदिरों और मस्जिदों के बाहर दुकान लगाने वाले लोग
36. चाय की टपरी वाले
37. बड़े शहरों में जिनका काम किरायेदार रखने से ही चलता है
38. laundry और press वाले
39. टेलर लेडीज & जेंट्स
40. इंसान के मनोरंजन से जुड़े जादूगर, मेले वाले, फ़िल्म, नाटक इंडस्ट्री मे काम करने वाले लाखों लोग
41. छोटी मोटी बहुत सारी network marketing से जुड़े लोग
42. ऑटो पार्ट्स रिपेयर मिस्त्री
43. विदेश यात्राओं से जुड़ी कंपनियां और एजेंट्स
44. विदेशों से वापस भारत लौटे हुए लोग
45. court मे काम करने वाले वकील और अन्य लोग
46. हर सेक्टर के लाखों सेल्समैन
47. कई तरह के दुकानदार
ऐसे ओर भी कई profession है जोकि 50% से100% तक हिल गए है कई प्रोफेशन तो खत्म हो गए है और ये हाल कम से कम आने वाले 6महीने तो रहेगा ही।
कौन कहता है कि मेरे पास लिस्ट नही है अब ये सब आपके प्रॉस्पेक्ट है अब आप इन लोगो की भी लिस्ट तैयार कर सकते है और वादा है मेरा आपको इनमें से 80% लोग ध्यान से सुनेंगे।
इन्हें समझा सकते है mlm की ताकत और या तो 6महीने घर बैठे या 6महीने काम करके इस ई कॉमर्स नेटवर्क मार्केटिंग बिज़नेस को 2nd option के रूप मे खड़ा कर ले।
जाते जाते साथियों
अब दुनिया 2 हिस्सों में बंट जाएगी
कोरोना से पहले की दुनिया
कोरोना के बाद कि दुनिया
तो
कोरोना के बाद कि दुनिया
में अब लिस्ट इतनी बड़ी बन सकती है जिसका हिसाब नही लगाया जा सकता
अगर आप अपने किसीकी मदत करना चाहते हो दिलसे
तो ये पोस्ट हर नेटवर्क मार्केटिंग करनेवालो तक पहुंचाओ
क्योंकि
अब
डायरेक्ट सेल्लिंग ही वो ज़रिया होगा
जिससे हम
करोडों लोंगो की ज़िंदगी मे एक छोटा बदलाव ला सकते है
और हिंदुस्तान को
सही मायनों में
आत्मनिर्भर बना सकते है
एक ज़िम्मेदार नागरिक बनकर आओ इस देश के लोंगो को एक नई राह दिखाते हैं।
अधिक जानकारी हेतु संपर्क करें।
सी यू ई टी (CUET) और बोर्ड परीक्षा का बोझ कब निकलेगा।
मेरा देश कहाँ जा रहा है। आँखें खोल के देखो। सी यू ई टी ( CUET) के रूप में सरकार का यह बहुत बड़ा नकारा कदम साबित होने वाला है। इस निर्णय के र...
-
दूसरों की खुशियों पे दुःख जताने वालों, आसमां की तरह छत चाहाने वालों, क्यों तिनके तिनके पे, इस कदर जलते हो, जब जलना ही है त...
-
मेरा देश कहाँ जा रहा है। आँखें खोल के देखो। सी यू ई टी ( CUET) के रूप में सरकार का यह बहुत बड़ा नकारा कदम साबित होने वाला है। इस निर्णय के र...
-
मशरूम, जिसे कई पहाड़ी क्षेत्रों में "च्युं" कहा जाता है, एक प्रकार का फफूंद (fungus) होता है जो नमी और जैविक अपघटन वाली जगहों पर प...












