एटोमी क्या आपके बच्चों के भविष्य को बेहतर बना सकती है। जानिए एटोमी क्यों करनी चाहिए और एटोमी का उद्देश्य क्या है ? क्या बिना इन्वेस्टमेंट के सिर्फ और सिर्फ मानवीय रिश्तों को जोड़ कर आगे बढ़ने से अन्तर्राष्टीय व्यवसाय की रहस्यमय दुनियाँ को जाना जा सकता है ? यदि अपनी पूरी जिंदगी में सिर्फ और सिर्फ हम अपने मित्रों एवं रिश्तेदारों को साथलेकर आगे बढ़ते हैं ये हमारे साथ जुड़ने वाले भी यदि इसी तरह आगे बढ़ने की सोच रखते हैं तो विश्वपटल के साथ व्यवसाय एवं जीवन के मधुर अनुभवों के पलों से भावविभोर होने से कोई नही रोक सकता। बस आपको सिर्फ और सिर्फ अपना एक कदम आगे बढ़ाना है। यदि इस विचार पर हम गहनता से विमर्श करें तो मेक इन इंडिया के सपनों को हम हकीकत में बदल सकते हैं। यह विश्व की एकमात्र इंडस्ट्रीज है जहाँ पर न तो शिक्षा के प्रमाण पत्रों के आधार को आधार माना जाता है और न ही आरक्षण को बरियात दी जाती है। यहाँ पर हम एक परिवार के रूप में आगे बढ़ते हैं। समान शिक्षा एवं समान कमाने का अधिकार भी हर किसी को मिलता है। समान पद पर पहुँचने के बावजूद भी आपस मे कोई टांग खिंचाई की भावना उत्पन्न नही होती। यहाँ पर गृहणी, विद्यार्थी, जॉब या व्यवसायी के लिए पहली सीढ़ी से ही आगे बढ़ने की परंपरा है। यदि एथिकल कंपनी की बात की जाय तो आपके ऊपर किसी नये व्यक्ति को जिम्मेदारी नही दी जाती या स्पष्ट शब्दों में कहा जाय तो किसी नये व्यक्ति को आपके ऊपर थोपा नही जाता है। सभी के लिए पहली सीढ़ी दर सीढ़ी चढ़ना अनिवार्य है। क्या आप तैयार हैं यदि हां तो अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें 9818583935
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Thursday, July 16, 2020
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सी यू ई टी (CUET) और बोर्ड परीक्षा का बोझ कब निकलेगा।
मेरा देश कहाँ जा रहा है। आँखें खोल के देखो। सी यू ई टी ( CUET) के रूप में सरकार का यह बहुत बड़ा नकारा कदम साबित होने वाला है। इस निर्णय के र...
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दूसरों की खुशियों पे दुःख जताने वालों, आसमां की तरह छत चाहाने वालों, क्यों तिनके तिनके पे, इस कदर जलते हो, जब जलना ही है त...
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जन जन से मिल कर शहर से निकल कर आती है सहमी सी आवाज की तुम मुझे बचालो! मुझे बचालो ! मुझे बचालो ! हर एक पहाड़ से टकराकर ...
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किस्मत तुम्हारी भी नही किस्मत हमारी भी नही कितना चाहो बिखर जाओ पर रहोगे सदैव पंक्तियों में। किस्मत तुम्हारी भी नही किस्मत हमारी भी नह...