Thursday, April 24, 2014

आगि डाल्यौं पर मौल्यार देख बसंतकु हुलार,


कन नाचणु च पात्ग्यौं मा, देख डाल्यौं कु मौल्यार l

 @ गीत राजेन्द्र सिंह कुँवर 'फरियादी'


संघर्ष

धर्म-अधर्म की लड़ाई ले रही थी अंगड़ाई, दूर बैठे हंस रहे थे बाबू ले रहे थे जम्हाई। हौसले कभी टूटते नही जब मन से तैयारी होती,...