Sunday, December 12, 2021

शब्द

शब्द! रख लो कुछ मेरे, वक्त पर काम आयेंगे, कल मैं आऊँ या न आऊँ, ये सुबह शाम आयेंगे! शब्द! रख लो कुछ मेरे, वक्त पर काम आयेंगे! देखना! बदलता रहेगा हर चेहरे का रंग-रूप, धूप और पानी तो सब ये मौसम के नजारे हैं। उलझने तभी आती है जब जरूरी काम आयेंगे। शब्द! रख लो कुछ मेरे वक्त पर काम आयेंगे। @- राजेन्द्र सिंह कुँवर 'फरियादी'

संघर्ष

धर्म-अधर्म की लड़ाई ले रही थी अंगड़ाई, दूर बैठे हंस रहे थे बाबू ले रहे थे जम्हाई। हौसले कभी टूटते नही जब मन से तैयारी होती,...