बाँसुरी सुनते ही ह्रदय में कोमल मनोहर संगति की लहर हिचकोले खाने लगती है। कहते है बाद्य यंत्रों में बाँसुरी का महत्वपूर्ण स्थान है। संगीत कि पंगत सजी हो और बाँसुरी न हो तो पंगत का माहौल मधुरता को नही समेट पाता है। आईये जानते हैं। बाँसुरी के स्वरों के बारे में।
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