Thursday, September 13, 2018

उत्तराखंड

जुकुडी मा बीणाणी बात
कुमर सी या चुब्णी च,
क्यामाँगी होलू यू अलग उत्तराखंड
सोची रग रग दुःखणी च।

कैन जाणी यण हौण
अपरा घरकु फिकू लौण
देखा आज ये ताता दूधन्
घंटुली डामि छन! @ - राजेन्द्र सिंह कुँवर 'फरियादी'

संघर्ष

धर्म-अधर्म की लड़ाई ले रही थी अंगड़ाई, दूर बैठे हंस रहे थे बाबू ले रहे थे जम्हाई। हौसले कभी टूटते नही जब मन से तैयारी होती,...