बहुत से लोग आज भी एक नेटवर्क को नही समझ पाते हैं। वास्तविक तौर पर चाहे वो पुराने तौर तरीक़े हों या आधुनिक वर्किंग स्टाईल यह सब एक नेटवर्किंग की क्षेणी में आता है। हम लोग अक्सर जब ट्रेडिशनल मार्केट की बात करते हैं तो नेटवर्क को अनदेखा करते हैं या उस मार्केट की चतुराई के कारण किसी भी स्थिति में हमे नेटवर्क का आभास नही होता है। क्योंकि वहाँ पर हमारी नेटवर्किंग का एक स्थायी मूल्य का बोझ हमें कभी उस ओर सोचने नही देता। यह बोझ आम भाषा में सैलरी, मेहनताना, मजदूरी या कमीशन होता है जो लगभग फिक्स होता है। हमारा मनोवैज्ञानिक पहलू कभी भी इस स्थिति को समझने के लिए तैयार ही नही हुआ। जबकि डारेक्ट सेलिंग कंपनियों ने इस नेटवर्किंग के छुपे हुये पहलुओं को फ्रंट पर लाने की कोशशि की है। ये कंपनियां यहीं तक सीमित नही रही बल्कि उन्हेंने मार्केट में अद्भुत नियम स्थापित किये। उन्होंने हर व्यक्ति के लिए के लिए नेटवर्किंग के में बदले कोई फिक्स मूल्य नही बल्कि एक ऐंसा मूल्य रखा जिसको प्राप्त करने के लिए हर व्यक्ति को एक ही नजरिये से देखा जा सकता है। उन्हेंने बाजार के बढ़ते हुये कम्प्टीशन को, शिक्षा की भिन्नता को, जाति धर्म की स्थिति को, अमीरी गरीबी की रेखा को यहाँ तक कि जान पहिचान की ताकत को भी क्षीर्ण करने की भरपूर कोशिश की और करने में लगभग कामयाब भी हुई हैं। नेटवर्किंग आज एक ऐंसा रास्ता बन चुका है जिस पर हर किसी के लिए कदम रखने में बहुत आसानी होने लगी हैं। कुछ खामियाँ भी इस इंडस्ट्रीज की उभर के आयी हैं। जो कि सामान्य इंडस्ट्रीजों के मुकाबले फिर भी बहुत कम हैं। नेटवर्किंग हर व्यक्ति के अन्दर एक बेहतरीन नेतृत्व की क्षमता डेवलॉप करती है। इसलिए कहा भी जाता है कि आपका नेटवर्क ही आपकी नेट वर्थ है अर्थात यही आपकी सबसे अमूल्य संपत्ति है। आईये इस इंडस्ट्रीज को जानें।
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Wednesday, April 22, 2020
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