Saturday, November 20, 2021

पानी होना चाहिए आँख में

पानी होना चाहिए आँख में।

आखों में भी पानी होना चाहिए
सिर्फ नदी नालों में पानी की औकात नही।
कृषि बिलों का महत्व कब क्या हो,
ये यूँ ही कोई किसानों को सौगात नही।

दवा हर मर्ज की मिलनी चाहिए
यहाँ रोगों की अपनी कोई औकात नही
कब कदम कहाँ रखना है
मालूम होना चाहिए ये कोई सौगात नही।

तुम लड़ो! हर आवाज मिलनी चाहिए
किसी ओर के आवाज की कोई औकात नही
कदम मेरे अपने हैं कहीं रखूँ
हर किसी के लिए अब ये कोई सौगात नही।

पानी होना चाहिए आँख में
जल-प्रपातों की यहाँ कोई औकात नही।
तुम क्या समझो समझ लेना!
मेरे किसानों को इससे बड़ी कोई सौगात नही। @ - राजेन्द्र सिंह कुँवर 'फरियादी'


विजयदशमी

ढाल तलवार नहीं, मन को उठाना है, भीतर जो रावण है, पहले उसे हराना है। दस मुख नहीं, दस विकार हम ढोते हैं, काम, क्रोध, लोभ में हर रोज खोते हैं। ...