Sunday, December 12, 2021

शब्द

शब्द! रख लो कुछ मेरे, वक्त पर काम आयेंगे, कल मैं आऊँ या न आऊँ, ये सुबह शाम आयेंगे! शब्द! रख लो कुछ मेरे, वक्त पर काम आयेंगे! देखना! बदलता रहेगा हर चेहरे का रंग-रूप, धूप और पानी तो सब ये मौसम के नजारे हैं। उलझने तभी आती है जब जरूरी काम आयेंगे। शब्द! रख लो कुछ मेरे वक्त पर काम आयेंगे। @- राजेन्द्र सिंह कुँवर 'फरियादी'

Saturday, November 20, 2021

पानी होना चाहिए आँख में

पानी होना चाहिए आँख में।

आखों में भी पानी होना चाहिए
सिर्फ नदी नालों में पानी की औकात नही।
कृषि बिलों का महत्व कब क्या हो,
ये यूँ ही कोई किसानों को सौगात नही।

दवा हर मर्ज की मिलनी चाहिए
यहाँ रोगों की अपनी कोई औकात नही
कब कदम कहाँ रखना है
मालूम होना चाहिए ये कोई सौगात नही।

तुम लड़ो! हर आवाज मिलनी चाहिए
किसी ओर के आवाज की कोई औकात नही
कदम मेरे अपने हैं कहीं रखूँ
हर किसी के लिए अब ये कोई सौगात नही।

पानी होना चाहिए आँख में
जल-प्रपातों की यहाँ कोई औकात नही।
तुम क्या समझो समझ लेना!
मेरे किसानों को इससे बड़ी कोई सौगात नही। @ - राजेन्द्र सिंह कुँवर 'फरियादी'


Sunday, January 10, 2021

Bitcoin ethereum ripple बिटकॉइन इथेरियम रिप्पल

 समय के साथ साथ दिन-प्रतिदिन नई नई तकनीकियां चुनौती बनती जा रही है और यही चुनौतियाँ रोजगार सृजन का एक विशेष विकल्प भी बनती जा रही है। समय के साथ आगे बढ़ने के लिए हर इंसान को इन चुनौतियों से पार पाना ही होता है। यदि हम खुद को अपग्रेड नही कर पाते हैं तो कहीं न कहीं समय की नजरों में खुद को पिछड़ा हुआ महसूस करते हैं। जब जब धरातल पर कुछ नया होता है समाज मे दो पक्ष सदैव उभर के आते हैं एक साथ खड़ा होता है जबकि दूसरा विरोध की डोरियाँ पकड़ लेता है। ये समय हम लोग काफी समय से देखते आ रहे हैं। जैसे गैस आने पर, कम्प्यूटर आने पर, प्रेशर कुकर के मार्केट में आने पर ठीक उसी प्रकार फेसबुक, यूट्यूब या व्हाट्सएप आने पर भी कई समय तक लोगों ने इन सोशियल प्लेटफार्मों से दूरियां बना कर रखी, मगर आज यही हर घर के हर सदस्य की जरूरत बन कर रह गयी। बिना कम्प्यूटर और सोशियल मीडिया के लोग खुद को अपंग महसूस करने लगे हैं। यह सब जीवन जीने का एक माध्यम बन चुका है हर व्यक्ति देर में ही सही पर तकनीकी को गृहण जरूर करता है। इसका एक प्रमुख उदाहरण डिजिटल टेक्नोलॉजी है लोग अपने बच्चों को फोन से दूर रखते थे मगर आज पढ़ाई भी फोन से ही होने लगी है, ठीक चार साल पहले विश्व बाजार में क्रिप्टो करेंसी के नाम से बिटकॉइन के रूप में बहुत शोर हुआ कुछ ने इससे अपनाया तो कुछ ने इससे दूरियां बना ली। मगर तब बिटकॉइन की कीमत मात्र 27 हजार थी और कई कंपनियाँ एवं एक्चेंज इसको लीगल एवं इन लीगल की लड़ाईयां लड़ रहे थे यही बिटकॉइन ( Bitcoin) आज इंडियन रुपये में 30 लाख की सीमा पार कर चुका है। इसके साथ कई क्रिप्टो करेंसीज एवं टोकनों का जन्म होना स्वाभाविक है इस रूप में बहुत सी क्रिप्टो करेंसी एवं टोकन आज बहुत सारे विश्व के साथ साथ भारतीय एक्सचेंजों पर उपलब्ध हैं। जिनमे से इथेरियम (ethereum) रिप्पल (ripple ) लाईट कॉइन (Litecoin) आदि प्रमुख रूप से है। यदि आप भी इन क्रिप्टो ( Crypto Currency ) के बारे में जानना चाहते हैं या इन करेंसी की ट्रेडिंग करना चाहते हैं तो स्वतंत्र ररूप से भारतीय या विश्व के कई सारे एक्सचेंजों से कर सकते हैं। ये लीगल हैं या इन लीगल यह न सरकार बतायेगी और न ही कोई एक्चेंज, हाँ इससे यदि आप जुड़ते हैं तो आपके पैंसे से ये एक्चेंज भी कमाई कर रहें है और सरकारें भी। क्योंकि ट्रेडिंग इनकम पर टैक्स देना जरूरी है।लेकिन यदि ट्रेडिंग के दौरान आप अपनी धन संपत्ति से हाथ धो बैठते हैं तो न सरकार और न ही ये एक्चेंज आपकी आर्थिक मदद करेंगे। इसलिए यह रास्ता बहुत ज्यादा जोखिम भरा है कृपया इस पर चलने से पहले अपनी जानकारी पुख्ता जरूर करें। जितना ज्यादा जोखिम होता है कमाई या सफलता के चाँस उतने ही ज्यादा होते है। यह एक प्राकृतिक नियम है। इस पर आपकी क्या राय है जरूर साझा कीजिए। मेरी कोशिश है कि आप सभी के साथ इस तरह की तकनिकियाँ शेयर करता रहूँ। 

यदि आप भी इसमें ट्रेडिंग करना चाहते हैं तो वजीरेक्स एप्प के द्वारा कर सकते हैं उनके लिए यहाँ क्लिक करें। 




Friday, January 8, 2021

प्रेरणादायक विचार

कोई प्रशंसा करे या निंदा दोनों ही स्थिति में जीवन के मूल्य का ज्ञान हो जाता है, क्योंकि प्रशंसा प्रेरणा देती है और निंदा सावधान होने का अवसर प्रदान करती है। 



मशरूम च्युं

मशरूम ( च्युं ) मशरूम प्राकृतिक रूप से उत्पन्न एक उपज है। पाहाडी क्षेत्रों में उगने वाले मशरूम।