Wednesday, July 27, 2011

फरियाद करूँ तो किससे


ये घटा तू बता मैं फरियाद करूँ तो किस से 
अपनों ने जब यूँ दर-दर भटकाया मुझको ,
तब फरियाद करूँ तो किस से !
मिटटी का बना खिलौना है,
मेरा हर सुख-दुःख तो यूँ ,
सब तो मुझको छोड़ चले,
आपना किसको मैं कह दूँ ,
ये घटा तू बता!  
किससे अब फरियाद करूँ तो किस से 
ये घटा तू बता मैं फरियाद करूँ तो किस से .........रचना-राजेन्द्र सिंह कुँवर 'फरियादी' 

संघर्ष

धर्म-अधर्म की लड़ाई ले रही थी अंगड़ाई, दूर बैठे हंस रहे थे बाबू ले रहे थे जम्हाई। हौसले कभी टूटते नही जब मन से तैयारी होती,...