महत्वपूर्ण यह नही कि हम कितनी कक्षा पास हैं, महत्वपूर्ण यह नही की हमारे पास कितनी डिग्रियाँ किन किन विद्यालयों से हैं, बल्कि महत्वपूर्ण यह है कि समय और टेक्नोलॉजी को हम कहाँ तक अपने लिए उपयोगी बना सकते हैं। यदि किसी के अंदर सीखने की ललक हो तो वो क्या कुछ नही कर सकता ऐंसे उदाहरण हमें वेदों एवं पुराणों में भी देखने को मिलते हैं, महाभारत काल मे एकलव्य जैंसे किरदार हमें प्रभावित कर चुके हैं। आज बात करते हैं इन छोटे बच्चों की जो कक्षा 5 से और 8वीं तक मे हैं इनमे से एक बच्चा हमारे ऑफिस के सामने अपने पुराने व्यवसाय पान की ठेली पर लगभग बैठा मिलता हैं, इन बच्चों की सोच टेक्नोलॉजी के प्रति कितनी जागरूक है। यदि ये बच्चे यूटूबर की पंक्ति में खड़े हो सकते हैं तो हम भला क्यों नही।
ब्लॉग में आपको अनेक विषय वस्तुओं पर जानकारियाँ मिलेंगी जैंसे Education, Technology, Business, Blogging आदि।
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विजयदशमी
ढाल तलवार नहीं, मन को उठाना है, भीतर जो रावण है, पहले उसे हराना है। दस मुख नहीं, दस विकार हम ढोते हैं, काम, क्रोध, लोभ में हर रोज खोते हैं। ...
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दूसरों की खुशियों पे दुःख जताने वालों, आसमां की तरह छत चाहाने वालों, क्यों तिनके तिनके पे, इस कदर जलते हो, जब जलना ही है त...
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मैं अपने ही घर में कैद हूँ मुझे अपनों से ही आजादी चाहिए रोती बिलखती सर पटकती रही मैं अब मेरी आवाज को एक आवाज चाह िए जी रही हूँ कड़वे घूँट...
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जन जन से मिल कर शहर से निकल कर आती है सहमी सी आवाज की तुम मुझे बचालो! मुझे बचालो ! मुझे बचालो ! हर एक पहाड़ से टकराकर ...