#शिक्षा
#स्कूल
#गुरुकुल
#अभिरुचि
ब्लॉग में आपको अनेक विषय वस्तुओं पर जानकारियाँ मिलेंगी जैंसे Education, Technology, Business, Blogging आदि।
तू न जान मुझे अनजान रहने दे,
शब्द न छुपा यूँ तू मुझे कहने दे।
मैं जलता रहा खुद में खुदी के लिए
ये बारिश है तो क्या इसको भी सहने दे।। @ - राजेन्द्र सिंह कुँवर 'फरियादी'
#जान_अनजान
तेज कदमों की रफ्तार
समय के साथ दौड़ती
जिंदगी क्या खोज रही
मुट्ठी भर यादें लिए।
सुख भी दुःख भी
पल-पल बदल रहा
फिर भी मुसाफिर सी
भटकती जिंदगी
मुट्ठी भर यादें लिए। @- राजेन्द्र सिंह कुँवर 'फरियादी'
ढाल तलवार नहीं, मन को उठाना है, भीतर जो रावण है, पहले उसे हराना है। दस मुख नहीं, दस विकार हम ढोते हैं, काम, क्रोध, लोभ में हर रोज खोते हैं। ...