दिल ले गया था कोई कभी
अब तो जिस्म ही बेजान है !
सांसों को कोई देखता ही नहीं,
पत्थर भी कहने को यहाँ भगवान है !! .......रचना - राजेन्द्र सिंह कुँवर 'फरियादी'
ब्लॉग में आपको अनेक विषय वस्तुओं पर जानकारियाँ मिलेंगी जैंसे Education, Technology, Business, Blogging आदि।
ढाल तलवार नहीं, मन को उठाना है, भीतर जो रावण है, पहले उसे हराना है। दस मुख नहीं, दस विकार हम ढोते हैं, काम, क्रोध, लोभ में हर रोज खोते हैं। ...
7 comments:
वाह...
बहुत खूब कहा....
अनु
बहुत सुंदर !
रिमाइंडर भेजिये कहाँ ले गया बताये
नहीं बताता है तो आर टी आई लगायें !
वाह\\\\
बहुत-बहुत सुन्दर
:-)
BAHUT SUNDAR .BADHAI
आज 03/09/2012 को आपकी यह पोस्ट (दीप्ति शर्मा जी की प्रस्तुति मे ) http://nayi-purani-halchal.blogspot.com पर पर लिंक की गयी हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .धन्यवाद!
अच्छी पंक्तियाँ चुन कर लाये हैं आप
nice one
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