Wednesday, May 28, 2014

बिसरी कबार छ यू मन्खी 
डांडी कांठी डाली बौटली 
सुख का खातिर गै छ आपणा 
सुख का खातिर औणु बौडी 
अजी क्या बोना छाँ होवैगी विकास 
बांजी पुन्गुडी बौंण उदास l - गीत सर्वाधिकार सुरक्षित राजेन्द्र सिंह कुँवर 'फरियादी'



गौं घौर गुठ्यारों मा आज भी डाळयोँ कु छैल पसरयूँ च! सरकी च आफु आपरी खुट्टीयोंन् यू मंख्यों कु दोष च मंखि हरच्युं च! पोथ्लियों कु चुंच्य...