Wednesday, January 16, 2013

हाइकू 

मेरी आँखों में 

मंजिल की राह है 

मुझे जीने दो ! - राजेन्द्र सिंह कुँवर 'फरियादी'



आँखि खोल द्या बक्त ऐगी देख्णो आँखि खोल द्या बक्त ऐगी बोनो  भट्याकी बोल द्या अदलि बदलि देख्ला कब तैं अब त बटोल द्या! बक्त ऐगी देख्णो आ...