Sunday, January 1, 2012





म्यर उत्तराखंड ग्रुप ने 25 दिसम्वर 2011 को अपने वार्षिकोत्सव के 


अवसर पर अपनी स्मारिका `बुरांश'- का लोकार्पण किया,




www.myoruttrakhand.com 

2 comments:

शूरवीर रावत said...

Thanx for `बुरांश'

Anand Vishwas said...

फूल चुनने के लिये मत कदमों को तुम रोको,
ये तो मग में ही तुम्हारे पग-पग पे खिलेंगे ।
आनन्द विश्वास

विजयदशमी

ढाल तलवार नहीं, मन को उठाना है, भीतर जो रावण है, पहले उसे हराना है। दस मुख नहीं, दस विकार हम ढोते हैं, काम, क्रोध, लोभ में हर रोज खोते हैं। ...