Wednesday, November 15, 2017

आँखि खोल द्या
बक्त ऐगी देख्णो
आँखि खोल द्या
बक्त ऐगी बोनो 
भट्याकी बोल द्या
अदलि बदलि देख्ला कब तैं
अब त बटोल द्या!
बक्त ऐगी देख्णो
आँखि खोल द्या
बिस्त्रों मा न पाला यूँ तैं
अब त ख्खोड द्या
बक्त ऐगी बोनो
भट्याकी बोल द्या!
बक्त ऐगी देख्णो
आँखि खोल द्या
उगरा ग्ळयों अपरी खुटयों न
धोरा यूँ तै न औण द्या
बक्त ऐगी बोनो
भट्याकी बोल द्या!
बक्त ऐगी देख्णो
आँखि खोल द्या
कब तलक टक लागैकि
देख्ला ऊँ बाटियों
बक्त ऐगी बोनो
भट्याकी बोल द्या! @ - राजेन्द्र सिंह कुँवर 'फरियादी'

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