Tuesday, February 3, 2015

मन का पंछी तैँ 
उड्ण द्या ज्याण द्या 
कथ्गा उड्लो देख्णा रा
देख्णा रा तुम देख्णा रा 
मंन का पंछी तैँ 
खाली ग्दरियोन् 
भ्रमान्दू पोथ्लू सी 
ज्याण द्या देख्णा रा 
देख्णा रा तुम देख्णा रा 
मंन का पंछी तैँ 
मन का पंछी तैँ 
उड्ण द्या ज्याण द्या 
कथ्गा उड्लो देख्णा रा
देख्णा रा तुम देख्णा रा 
मंन का पंछी तैँ 
बान्धण कैन च 
कैमु इथ्गा टैम च
मंन का पंछी तै 
मन का पंछी तैँ 
उड्ण द्या ज्याण द्या 
कथ्गा उड्लो देख्णा रा
देख्णा रा तुम देख्णा रा 
मंन का पंछी तै । @ गीत - सर्वाधिकार, सुरक्षित, राजेन्द्र सिंह कुँवर 'फरियादी'

आँखि खोल द्या बक्त ऐगी देख्णो आँखि खोल द्या बक्त ऐगी बोनो  भट्याकी बोल द्या अदलि बदलि देख्ला कब तैं अब त बटोल द्या! बक्त ऐगी देख्णो आ...