Tuesday, September 16, 2014

विज्ञापन को बस्तु की गुणवता और उपयोगिता का आधार न मना जाय क्योंकि जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण मिटटी होती है और लोग मिटटी को ही कुचल के चल देते हैं l - @ राजेन्द्र सिंह कुँवर 'फरियादी'

गौं घौर गुठ्यारों मा आज भी डाळयोँ कु छैल पसरयूँ च! सरकी च आफु आपरी खुट्टीयोंन् यू मंख्यों कु दोष च मंखि हरच्युं च! पोथ्लियों कु चुंच्य...