Wednesday, April 30, 2014

वक्त को न छेड़ अपनी कुरेद कर जुवान से,

नजर वक्त की पहिचान ले भगवान भी वो शैतान भी है - गीत- कॉपी राईट  राजेन्द्र सिंह कुँवर 'फरियादी' 

गीली मिट्टी कभी आंखों में नव अंकुर सी रेखांकित कर देती  पल-पल को गीली मिट्टी! सपने पलने लगते अपने चलने लगते एहसास दिला जाती क्षण भर म...