मुख्या पृष्ट

Friday, April 18, 2014

आज नफरतों से ज्यादा दर्द मोहबतें देती है 

जुवाने लडखडाती हैं सदा आँखें कह देती है l  @ राजेन्द्र सिंह कुँवर 'फरियादी'