Thursday, December 19, 2013

खोपड़ी कु बथौंऊँ

गैणों पर तेरी नजर

चाँद पर तू उतरिगे

क्या बिगाड़ी ईं धर्तिन

मन मा जरा सोच लें 

गैणों पर तेरी नजर..........

क्या भाग्दी ईथ्यं  उथ्यं 

बैठिक तू सोच ली 

खोपड़ी मा उठियुं बथौंऊँ 

हे जुकुडी तू रोक ली - गीत - राजेन्द्र सिंह कुँवर 'फरियादी'


आँखि खोल द्या बक्त ऐगी देख्णो आँखि खोल द्या बक्त ऐगी बोनो  भट्याकी बोल द्या अदलि बदलि देख्ला कब तैं अब त बटोल द्या! बक्त ऐगी देख्णो आ...