मुख्या पृष्ट

Wednesday, November 26, 2014

तेरे आँसुओं से आज आग जल रही है,

शीतल है ह्रदय, भावना पिघल रही है l  @ रचना - सर्वाधिकार सुरक्षित - राजेन्द्र सिंह कुँवर 'फरियादी'