Friday, May 18, 2012

क्या चैदुं त्वे हे पहाड़


पहाडु तैं विकाश चैदुं

जनता तैं हिसाब चैदुं 
इन मरियुं यूँ नेताऊ कु 
युं दलालु तैं ताज चैदुं 
ठेकादारी युंकी खूब चलदी 
रुपयों पर युं तै ब्याज चैदुं 
गरीबु तै गास चैदुं 
बेरोज्गारू तै आस चैदुं
गोरु बाखरों तै घास चैदुं ........राजेन्द्र सिंह कुँवर 'फरियादी'



ह्ववे जालू रे ह्ववे जालू रे ह्ववे जालू! तुम ज्योत जगा विकासकी उजालु ह्ववे जालू! पुंगड़ा बांजा राखा पैंसा वाला सैर भाग नेतौं का फैथर स...